Shibu Soren Death: अपने पीछे कितने की संपत्ति छोड़ गए शिवू सोरेन झारखंड नहीं दिल्ली में है अपना मकान और यूपी में भी जमीन कितनी थी सालाना कमाई जब झारखंड के दशोम गुरु शिव सोरेन ने दुनिया को अलविदा कहा
Shibu Soren Death: विरासत नहीं छोड़ी बल्कि करोड़ों की संपत्ति और देनदारियों का एक जटिल वित्तीय लेखाजोखा छोड़ गए।

एक ऐसा नेता जिसने अपना पूरा जीवन झारखंड के आदिवासियों और गरीबों की हक की लड़ाई में समर्पित कर दिया। और उसकी असली आर्थिक तस्वीर कैसी थी?Shibu Soren Death: इस सवाल का जवाब 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान दाखिल किए गए उस हलफनामे में छिपा है जो किसी कहानी की तरह उनके जीवन के अनछ पहलुओं को परत दर-परत खोलता है।
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इस आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार शिवू सोरेन ₹7 करोड़ से अधिक की संपत्ति के मालिक थे।लेकिन उसके पास ही उनके कंधों पर था ₹2 करोड़ से ज्यादा का कर्ज। जो उनकी वित्तीय दुनिया के दो अलग-अलग सिरों को दिखाती है।2019 में थे करोड़ों के मालिक?
Shibu Soren Death: सालाना कमाई का ग्राफ एक सांसद के तौर पर मिलने वाले वेतन

2014 15 में लगभग 6.52 लाख से शुरू होकर 2017-18 में 7.05 लाख तक पहुंची थी। दिलचस्प बात यह है कि गुरुजी जैसे कद्दावर नेता के पास हाथ में मात्र ₹70000 हजार नकद थे जो उनकी सादगी की छवि को पुष्टी करता है।और उनका पैसा पंजाब नेशनल बैंक में ₹52 लाख की एक बड़ी फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में सुरक्षित था
शेयर बाजार के जोखिमों से खुद को दूर रखा
Shibu Soren Death:पत्नी और बेटे हेमंत सोरेन के नाम पर निवेश कर परिवार के भविष्य को सुरक्षित किया। उनकी संपत्ति में एक भी गहना शामिल भी नहीं था और उनके गैराज में करीब ₹26 लाख की एक कार जरूर थी।
उनकी कहानी का सबसे हैरान करने वाला मूड

अचल संपत्ति के विवरण में आता है। जिस शख्स ने झारखंड राज्य के निर्माण के लिए अपना जीवन लगा दिया और तीन बार मुख्यमंत्री भी बने उस शिवू सोरेन के नाम पर। हलफनामे के मुताबिक झारखंड में 1 इंच जमीन या कोई घर नहीं था। उनकी संपत्तियां राज्य की सीमाओं से बाहर दिल्ली एनसीआर में केंद्रित थी।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में उनके पास 44-44 लाख की दो गैर कृषि भूमि भी थी और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पौश इलाके साउथ एक्सटेंशन में एक 66.55 लाख का अपार्टमेंट था।
एक ऐसे नेता की कहानी बताता है जो कि कागजों पर करोड़पति था

Shibu Soren Death: झारखंड की मिट्टी से जुड़ी थी। भले ही उसके निवेश का केंद्र कहीं और रहा हो लेकिन जो जुड़ाव है जो असली जिंदगानी थी वो जुड़ी थी झारखंड की मिट्टी से झारखंड से। मामले में अपडेट तो यही है कि अब हेमंत सोरेन के पिता यानी कि शिवू सोरेन का निधन हो गया है। 4 अगस्त की सुबह इस बात की जानकारी खुद हेमंत सोरेन ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स के माध्यम से दी थी ।
, अपने पीछे कितनी संपत्ति छोड़ गए शिबू सोरेन, इनके निधन को लेकर आपकी क्या राय है? इस संपत्ति के बौरे को लेकर आपके मन मैं क्या राय है कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं धन्यवाद














