navratri wishes in hindi,नवरात्र की व्रत कथा~ नवरात्र की स्पेशल कहानी~Durga Mata Story 2025,में मां दुर्गा कैसे आएंगी?

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नमस्कार आप सभी का एक बार फिर से स्वागत है आप सभी को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं। आइए नवरात्रि के पावन अवसर पर मैं आपको सुनाती हूं नवरात्रि की व्रत कथा।

navratri wishes in hindi,एक बार की बात है प्राचीन काल में मनोहर नगर में पीठ नाम का एक ब्राह्मण रहा करता था। वो भगवती दुर्गा का भक्त था। उसके संपूर्ण सद्गुणों से युक्त सुमति नाम की एक बहुत ही सुंदर कन्या उत्पन्न हुई। वो कन्या सुमति अपने पिता के घर बाल्यकाल में अपनी सहेलियों के साथ घृणा करती हुई इस प्रकार बढ़ने लगी जैसे शुक्ल पक्ष में चंद्रमा की कली बढ़ती है।

उसके पिता प्रतिदिन जब दुर्गा जी की पूजा करके होम किया करते। वह भी उनके साथनियम से वहां उपस्थित रहती। एक दिन सुमति अपनी सखियों के साथ खेल में लग गई और भगवती के पूजन में उपस्थित नहीं हुई। उसके पिता को पुत्री की ऐसी असावधानी देखकर क्रोध आया और उसने अपनी पुत्री से कहा, अरे दुष्ट पुत्री आज तूने भगवती का पूजन नहीं किया।

इस कारण मैं किसी कुष्ठ रोगी या दरिद्र मनुष्य के साथ तेरा विवाह करूंगा। पिता का ऐसा वचन सुनकर सुमति को बहुत दुख हुआ और पिता से उसने कहा हे पिता मैं आपकी कन्या हूं। मैं सब तरह से आपके आधीन हूं। जैसी आपकी इच्छा हो वैसा ही करो। राजा से, कुष्टि से, दरिद्र से या किसी के साथ भी मेरा विवाह कर दो। पर होगा वही जो मेरे भाग्य में लिखा होगा।

navratri wishes in hindi,मेरा तो अटल विश्वास है। जो जैसा कर्म करता है उसको कर्मों के अनुसार वैसा ही फल प्राप्त होता है। क्योंकि कर्म करना मनुष्य के आधीन है और फल देना ईश्वर के आधीन है। जैसे अग्नि में पड़ने से तृणादि उसको अधिक प्रद्यप्त कर देते हैं। इस प्रकार कन्या के निर्भयता के ऐसे वचन सुनकर ब्राह्मण और क्रोधित हो गया और उसने अपनी कन्या का विवाह एक कुष्ठ रोगी के साथ कर दिया और
बहुत क्रोधित होकर उससे कहने लगा हे|


navratri wishes in hindi,पुत्री अपने कर्म का अब तुम फल भोगो देखते हैं भाग्य के भरोसे रहकर तुम क्या करतीहो। पिता के ऐसे कटु वचन सुनकर सुमति मन में विचार करने लगी। अहो मेरा बड़ा दुर्भाग्य है जिससे मुझे ऐसा पति मिला। इस तरह अपने दुख का विचार करती हुई वो कन्या अपने पति के साथ वन में चली गई और डरावने कुशा युक्त उस निर्जन वन में उन्होंने रात बड़े कष्ट से व्यतीत की।

उस गरीब बालिका की ऐसी स्थिति देखवी भगवती उसके पुराने जन्म के पुण्य के प्रभाव से वहां प्रकट हो गई और उन्होंने सुमति से कहा हे दीन ब्राह्मणी मैं तुझसे प्रसन्न हूं। तुम जो चाहे वर मांग सकती हो। भगवती दुर्गा का यह वचन सुनकर वो ब्राह्मणी बोली आप कौन हैं? वो सब आप मुझसे कहो। सुमति की यह बात सुनकर देवी ने कहा, मैं आदि शक्ति भगवती हूं |

navratri wishes in hindi,और मैं ही ब्रह्म विद्या व सरस्वती हूं। प्रसन्न होने पर मैं प्राणियों का दुख दूर कर उनको सुख प्रदान करती हूं। हे ब्राह्मणी मैं तुझ पर तेरे पूर्व जन्म के पुण्य के प्रभाव से प्रसन्न हूं। तुम्हारे पूर्व जन्म का अब मैं तुम्हें वृतांत सुनाती हूं। ध्यान पूर्वक सुनो। तू पूर्व जन्म में भील की स्त्री थी और अत्यंतपतिव्रता थी। एक दिन तेरे पति को चोरी के अपराध में पकड़ लिया गया।

चोरी करने के कारण तुम दोनों को सिपाहियों ने पकड़ लिया और ले जाकर जेल में डाल दिया। उन लोगों ने तुम्हें और तुम्हारे पति को भोजन भी नहीं दिया। इस प्रकार नवरात्रि के नौ दिन तुमने कुछ नहीं खाया और ना ही जल ग्रहण किया। इस प्रकार तुम्हारा नवरात्रि का व्रत हो गया। हे ब्राहणी उन दिनों में जो व्रत हुआ उस व्रत के प्रभाव से प्रसन्न होकर मैं तुझे मनवांछित वर देती हूं।

navratri wishes in hindi,जो तेरी इच्छा हो मांग ले। इस प्रकार देवी दुर्गा के वचन सुनकर वो ब्राह्मणी बोली अगर आप मुझ पर प्रसन्न है तो हे दुर्गे मैं आपको प्र णाम करती हूं। कृपा करके मेरे पति का कोड दूरकर दो। देवी ने कहा उन दिनों तुमने जोव्रत किया उस व्रत का एक दिन का पुण्य पति का कोढ़ दूर करने के लिए अर्पण कर दो। उस पुण्य के प्रभाव से तेरा पति कोढ़ से मुक्त हो जाएगा।

इस प्रकार देवी के वचनसुनकर ब्राहणी बहुत प्रसन्न हुई और पति को निरोग करने की इच्छा से जब उसने ठीक है ऐसा कहा तब उसके पति का शरीर भगवती दुर्गा की कृपा से कुष्ट रहित हो गया और वो अति कांतिवान हो गया। वह ब्राह्मणी पति की मनोहर देह को देखकर देवी की स्तुति करने लगी।

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वो बोली हे दुर्गे आप दुर्गति को दूर करने वाली हैं। तीनों लोकों का संताप हरने वाली हैं। समस्त दुखों का नाश करने वालीहैं। रोगी को निरोग करने वाली हैं। और प्रसन्न होने पर मनोवांछित फल देने वाली है। और दुष्टों का भी नाश करने वाली अब जगत की माता हो। हे अंबे मुझ निर अपराध अबला को मेरे पिता ने कुष्टि मनुष्य के साथ ब्याह दिया और घर से निकाल दिया।

navratri wishes in hindi,पिता से तिरस्कृत निर्जन वन में मैं विचर रही हूं। आपने मेरा इस विपदा से उद्धार किया है। हे देवी आपको मैं प्रणाम करती हूं। आप
मेरी रक्षा करो। सुमति की ऐसी स्तुति सुनकर देवी बहुत प्रसन्न हुई और उससे कहा हे ब्राहणी तेरे उदाय नामक बहुत ही बुद्धिमान धनवान कीर्तिवान और जितेंद्रिय पुत्र शीघ्र ही उत्पन्न होगा ऐसा वर मैं तुझे प्रदान करती हूं।

फिर देवी ने उस ब्राह्मणी से कहा अब तेरी और भी इच्छा हो तो वह भी मांग ले। भगवती दुर्गा का ऐसा वचन सुनकर सुमति ने कहा हे भगवती दुर्गे अगर आप मुझ पर प्रसन्न हैं तो मुझे नवरात्र व्रत की विधि और महत्तम बताइए और उसके फल का विस्तार से वर्णन करिए। देवी ने कहा मैं तुम्हें संपूर्ण पापों को दूर करने वाले नवरात्र व्रत की विधि बताती हूं। जिसको सुनने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

navratri wishes in hindi,अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से लेकर नौ दिनों तक विधि पूर्वक व्रत करो। यदि भर व्रत ना कर सको तो एक समय भोजन करो। विद्वान ब्राह्मणों से पूजकर घट स्थापना करो और वाटिका बनाकर उसको प्रतिदिन जल से सींचो। महाकाली, महालक्ष्मी और महा सरस्वती देवी की मूर्तियां स्थापित कर उनकी नित्य विधि सहित पूजा करो और पुष्पों से विधि पूर्वक अर्घ दो।

बिजौरा के फल से अर्घ देने से रूप की प्राप्ति होती है। जायफल से अर्घ देने से कीर्ति, दाग से अर्घ देने से कार्य की सिद्धि होती है। आंवले से अर्घ देने से सुख की प्राप्ति और केले से अर्घ देने से आभूषणों की प्राप्ति होती है। इस प्रकार से पुष्पों और फलों से अर्घ देने से व्रत समाप्त होने पर नवे दिन यथाविधि हवन करो।

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खांड, घी, गेहूं, शहद, जौ, तिल, बेल, नारियल, दाख और कदंब आदि से हवन करो। गेहूं से होम करने से लक्ष्मी जी की प्राप्ति होती है। खीर एवं चंपा के पुष्पों से धन की और बेल पत्तों से तेज और सुख की प्राप्ति होती है। आंवले से कीर्ति और केले से पुत्र की प्राप्ति होती है। कमल से राज सम्मान की और दाखों से संपदा की प्राप्ति होती है।

navratri wishes in hindi,खांड, घी, नारियल, शहद, जौ और तिल या फलों से होम करने से मनवांछित वस्तु की प्राप्ति होती है। व्रत करने वाला मनुष्य इस विधि विधान से होम करके आचार्य को अत्यंत नम्रता के साथ प्रणाम करें और यज्ञ की सिद्धि के लिए उसे दक्षिणा दे। इस प्रकार बताई हुई विधि के अनुसार जो व्यक्ति व्रत करता है उसके सब मनोरथ सिद्ध हो जाते हैं।

इसमें कोई भीसंदेह नहीं है। इन नौ दिनों में जो कुछ दान दिया जाता है उसका करोड़ों गुना फल मिलता है। इस नवरात्र व्रत करने से अश्वमेघ यज्ञ का फल मिलता है। हे ब्राह्मणी इस संपूर्ण कामनाओं को पूर्ण करने वाले उत्तम व्रत को तीर्थ मंदिर या घर में विधि अनुसार करो। इस प्रकार ब्राह्मणी को व्रत की विधि बताकर फल बताकर देवी अंतर्ध्य हो गई।

navratri wishes in hindi,जो भी इस व्रत कोभक्ति पूर्वक करता है, वह इस लोक में सुख प्राप्त करके अंत में दुर्लभ मोक्ष को प्राप्त होता है। यह इस दुर्लभ व्रत का महत्तम है जो मैंने आपको सुनाया है। बोलो देवी भगवती की जय। आप सभी पर देवी भगवती की कृपा बनी रहे। तो यह थी नवरात्र की व्रत कथा। आपको यह कथा कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताएं। कथा अच्छी लगी हो तो हमारे आर्टिकल
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मोनू प्रजापति mkhindustannews.com इस वेबसाइट के मुख्य संपादक और न्यूज़ राइटर हैं। ये मुख्य रूप से क्रिकेट, आईपीएल और टीम इंडिया से जुड़ी ताज़ा खबरें कवर करते हैं। खेल जगत की हर बड़ी अपडेट को सबसे पहले पाठकों तक पहुँचाना इनका लक्ष्य है।"