COVID-19 cases in India: फिर तेजी से फैलने लगा कोविड-19 का नया वैरिएंट.24 घंटों में दर्ज हुए इतने केस ,

COVID-19 cases in India: एक बार फिर कोरोना बहुत तेजी से अपना पैर पसारने शुरू कर दिए हैं।

अमेरिका में हाल ही में एक नए तरह के कोविड-19 वेरिएंट में इजाफा देखा गया है। जिसके बाद से चिंता बढ़ गई है। XFG वेरिएंट जिसे आम बोलचाल की भाषा में स्टेटस कहा जाता है।

COVID-19 cases in India: फिर तेजी से फैलने लगा कोविड-19 का नया वैरिएंट.24 घंटों में दर्ज हुए इतने केस ,अमेरिका के साथ-साथ यूरोपीय देशों में तेजी से फैल रहा है।

XFG वेरिएंट का पहली बार जनवरी में साउथ ईस्ट एशिया में पता चला था। और यूएसए टुडे के रिपोर्ट के मुताबिक मई तक इस वेरिएंट के मामले 0% से भी कम थे। लेकिन जून में इस वेरिएंट के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी गई।

रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र सीडीसी ने खुलासा किया है

जून के अंत तक इस वेरिएंट के 14% तक मामले होने का अनुमान है। और अमेरिका में मार्च तक एक्सएफजी का एक भी मामला नहीं था। लेकिन धीरे-धीरे यह बढ़ने लगे। अप्रैल में यह 2% तक पहुंचे। मई के अंत तक के 6%, जून की शुरुआत में 11% और जून के आखिरी में 14% तक पहुंच गए।

अब आपको बताते हैं किन-किन राज्यों में यह नया वेरिएंट फैला है।

सीडीसी ने पाया कि अलबामा, अलास्का, कैलिफोर्निया, डेलावेयर, फ्लोरिडा, हवाई, कटकी, लुइसियाना और टेक्सास जैसे राज्यों में उच्च या बहुत उच्च स्तर के मामले पाए गए हैं

COVID-19 cases in India: फिर तेजी से फैलने लगा कोविड-19 का नया वैरिएंट.24 घंटों में दर्ज हुए इतने केस ,कनेक्टिकट जॉर्जिया इंडियाना मैरीलैंड मिशिगन मिनेसोटा मिससीपी मिसोरी न्यू जर्सी न्यूयॉर्क उत्तरी कैरोलना ओहियोियो ओल्काहोमा ओरेगन पेंसिलवेनिया दक्षिण कैरोलना टेनेसी यूटा वर्जनिया वाशिंगटन और विस्कॉनसिन सहित अन्य राज्यों में भी मामले बढ़ रहे हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO के मुताबिक XFG एक ऐसा वेरिएंट है

एलएफ.7 और एलपी.8.1.2 वंशों का पुनरयोग है। सबसे पहला नमूना 27 जनवरी 2025 को एकत्र किया गया था। अपनी जून की रिपोर्ट में WHO ने कहा कि एक्सFG को वैश्विक स्तर पर बढ़ते अनुपात के साथ निगरानी में रखा गया है।

विशेषज्ञों ने कहा कि सार्स को टू वो वायरस जो कोविड-19 का कारण बनता है

यह समय के साथ अपने अनुवांशिक कोड में उत्परिवर्तन जमा कर रहा है। इसलिए नए वेरिएंट के सामने आने की उम्मीद है।

निवादा विश्वविद्यालय रेनो में माइक्रोबायोलॉजी और इम्यूनोलॉजी के प्रोफेसर सुभाष वर्मा ने यूएस टुडे को बताया कि इस वेरिएंट के उत्परिवर्तन से एक्सएफजी की प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाओं से बचने की क्षमता बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि फिलहाल इस बात का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं है

ओमिक्रोन वेरिएंट की तुलना में ज्यादा गंभीर बीमारी है ।

आइए अब आपको बताते हैं क्सfजी के लक्षण क्या हैं? बुखार या ठंड लगना, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, नया स्वाद या गंध ना लगना, थकान, मांसपेशियों या शरीर में दर्द, सिर दर्द और जी मचलना या उल्टी आना इसके लक्षणों में शामिल है। मित्रों आगे की जानकारी हम अवश्य बताएंगे अपना ध्यान रखें धन्यवाद

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