Vijay Kumar Malhotra Passes Awayनहीं रहे बीजेपी नेता विजय कुमार मल्होत्रा। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को हराया था। 5 बार सांसद रहे विजय मल्होत्रा की कहानी।
94 वर्ष की उम्र में दुनिया से विदा लेने वाले वरिष्ठ बीजेपी नेता विजय कुमार मल्होत्रा का जीवन भारतीय राजनीति में ईमानदारी, विद्वता और प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा|
विजय कुमार मल्होत्रा बीजेपी नेता कौन है?

मल्होत्रा पिछले 45 सालों में दिल्ली से 5 बार सांसद और 2 बार विधायक रहे हैं, जिससे वे राजधानी में भाजपा के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक बन गए हैं। 2004 के आम चुनाव में, मल्होत्रा दिल्ली में अपनी सीट जीतने वाले एकमात्र भाजपा उम्मीदवार थे, जबकि कांग्रेस ने बाकी 6 सीटें जीती थीं।
विजय कुमार मल्होत्रा 1999 का लोकसभा चुनाव। जब उन्होंने देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को दिल्ली की साउथ दिल्ली सीट से भारी अंतर से हरा दिया। यह जीत ना केवल बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण थी बल्कि मल्होत्रा के राजनैतिक कौशल, लोकप्रियता और साख की बड़ी मिसाल बन गई।
विजय कुमार मल्होत्रा ने अपने करियर में कई ऊंचाइयों को छुआ लेकिन 1999 का यह चुनाव उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। तब कांग्रेस ने अपने सबसे विद्वान नेता, पूर्व वित्त मंत्री और भारत के भविष्य के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को साउथ दिल्ली से उम्मीदवार बनाया गया था।
पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को हराया, 5 बार सांसद रहे; विजय मल्होत्रा ने बुरे दिनों में भी दिल्ली बीजेपी को ऐसे बनाया मजबूत

कांग्रेस ने पूरा जोर लगाकर इस चुनाव कोर प्रतिष्ठा का मुद्दा बना और मल्होत्रा ने इस चुनौती को ना केवल स्वीकार किया बल्कि पूरे आत्मविश्वास के साथ चुनावी मैदान में उतरे।
विजय कुमार मल्होत्रा ने मनमोहन सिंह को भारी मतों से हरा दिया। अब यह जीत ना सिर्फ एक जीत थी, यह थी कहीं ना कहीं अपनी एक पहचान को और ऊपर ले जाने की एक मिसाल जीत सिर्फ एक व्यक्ति की जीत नहीं थ
एक मजबूत जनता के रूप में स्थापित कर दिया और पार्टी में उनका कद और भी बढ़ गया। 2004 के लोकसभा चुनाव में जब बीजेपी दिल्ली की छह सीटें हार गई, तब भी मल्होत्रा ही एकमात्र उम्मीदवार थे, जिन्होंने अपनी सीट बचाई।
Vijay Kumar Malhotra Passes Away: इस दौर में भी उन्होंने पार्टी के लिए मजबूती से काम किया और बीजेपी में पद ना मिलने के बावजूद दिल्ली में पार्टी का चेहरा बने रहे।
vijay kumar malhotra ,2014 के चुनाव में उन्होंने दिल्ली के लिए
चुनाव अभियान अध्यक्ष की भूमिका निभाई और पार्टी को सभी सात सीटों पर जीत दिलाई। मल्होत्रा ना केवल एक राजनीतिज्ञ थे बल्कि एक शिक्षाविद लेखक, खेल प्रशासक और सामाजिक कार्यकर्ता भी थे।
Vijay Kumar Malhotra son 1931 में जन्मे मल्होत्रा ने मात्र 18 साल की उम्र में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की की और उसके बाद हिंदी साहित्य में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। वे दिल्ली यूनिवर्सिटी के पीजीडीएबी कॉलेज में 35 वर्षों तक प्रोफेसर रहे और राजनीति में आने से पहले पत्रकारिता और समाज की सेवा से भी जुड़े रहे।
Vijay Kumar Malhotra: नहीं रहे BJP नेता विजय कुमार मल्होत्रा, 94 साल की उम्र में निधन, कल ही पीएम ने किया था जिक्र
विजय कुमार मल्होत्रा का जीवन एक ऐसे नेता की कहानी है जिसने सत्ता की राजनीति नहीं बल्कि सेवा की राजनीति की। और 1999 में मनमोहन सिंह जैसे नेता को हराकर उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि जनता उन नेताओं को चुनती है जिनके पास ना केवल दृष्टि होती है।
आज पूरा देश नम आंखों के साथ विजय कुमार मल्होत्रा को याद कर रहा है। श्रद्धांजलि दे रहा है। उनकी यादों को लेकर आपका क्या कहना कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं धन्यवाद