India’s UPI Vs US Visa: भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई सिस्टम ने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया है।
भारत का यूपीआई अब दुनिया का सबसे बड़ा रियल टाइम डिजिटल पेमेंट सिस्टम बन गया है। India’s UPI Vs US Visa: सबसे गर्व की बात है कि यूपीआई ने अमेरिका के पेमेंट सिस्टम वीजा को भी हरा दिया है। मई जून 2025 में रोजाना 64 से 65 करोड़ ट्रांजैक्शन कर यूपीआई ने अमेरिकी वीजा को पछाड़ दिया है।

भारत की डिजिटल ताकत, सस्ते, तेज और भरोसेमंद पेमेंट सिस्टम की जीत है। India’s UPI Vs US Visa: आपको बता दें कि अमेरिका का वीजा पेमेंट सिस्टम दशकों से काम करता आ रहा है। सिर्फ 9 साल में ही भारत का यूपीआई दशकों से दुनिया पर राज कर रहे ग्लोबल पेमेंट दिग्गज वीजा से आगे निकल गया है।
भारत की इस धमाकेदार जीत ने अमेरिका को हिला कर रख दिया है। अमेरिका की बड़ी-बड़ी कंपनियों को यकीन तक नहीं हो रहा था कि भारत उनसे आगे कैसे निकल गया। केवल मई 2025 की बात करें तो यूपीआई के जरिए 25 लाख करोड़ के ट्रांजैक्शन हुए हैं जो वीजा की तुलना में कहीं ज्यादा हैं। दुख की बात तो सिर्फ इतनी है कि भारत में ही बैठे कुछ लोग पीएम मोदी को यूपीआई पर ताना देते थे।
पीएम मोदी जिस देश जाते हैं वहां यूपीआई की बातें क्यों करते हैं?

भारत में बैठे कई लोगों ने तो यूपीआई को गरीबों का पेमेंट सिस्टम बता दिया क्योंकि इससे लोग परचून की दुकानों में भी पेमेंट कर रहे थे। लेकिन आज यही यूपीआई दुनिया का बादशाह बन गया है। बहरहाल हर देश में कुछ ऐसे लोग होते हैं जो अपने ही देश से नफरत करते हैं। लेकिन भारत की ज्यादातर जनता ने यूपीआई को दुनिया में सबसे आगे कर दिया है।
भारत की आम जनता ने जिस तरह से यूपीआई का इस्तेमाल किया है,India’s UPI Vs US Visa: उसने इसे दुनिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम बना दिया है। यानी यूपीआई को दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम बनाने में भारत के आम लोगों की बहुत बड़ी मदद की है। यूपीआई अब वीजा और मास्टर कार्ड का मार्केट शेयर भी खाने लगा है।

इस जीत के पीछे पीएम मोदी की भी बहुत बड़ी भूमिका है।
India’s UPI Vs US Visa: पीएम मोदी के प्रयासों के चलते ही भारत के अलावा यूपीआई अब भूटान, फ्रांस, मॉरीिशियस, नेपाल, सिंगापुर, श्रीलंका, यूएई तक पहुंच गया है। इन सभी देशों ने यूपीआई सिस्टम को स्वीकार कर लिया है। फ्रांस यूरोप का पहला देश है जहां यूपीआई जबरदस्त तरीके से इस्तेमाल हो रहा है। अगर आप कभी पेरिस में आफिल टावर देखने जाते हैं तो यूपीआई का इस्तेमाल करके आप टिकट
खरीद सकते हैं।

India’s UPI Vs US Visa: महज 9 वर्षों में वीजा को पीछे छोड़ UPI बना दुनिया का बादशाह,बन गया भारत !PM Modi फ्रांस के राष्ट्रपति जब भारत के दौरे पर आए थे तो पीएम मोदी ने उन्हें चाय पिलाई और पेमेंट यूपीआई से की थी। उसी दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रो यूपीआई के दीवाने हो गए और उन्होंने यह सिस्टम फ्रांस में लागू करवा दिया। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में ऑस्ट्रेलिया, कंबोडिया, कनाडा, जापान,ताइवान समेत 30 और देश यूपीआई से जुड़ सकते हैं। यानी भारत अब वैश्विक स्तर पर वीजा और मास्टर कार्ड जैसे ग्लोबल पेमेंट सिस्टम को जबरदस्त टक्कर दे रहा है। अगर यूपीआई और भी ज्यादा देशों में स्वीकार कर लिया गया तो अमेरिका के डॉलर को भी टक्कर दी जा सकती है। यही भारत की मनी पावर है। मित्रों अपना राय कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं धन्यवाद