Shubhanshu Shukla Axiom-4: भारत अंतरिक्ष कि यात्री सुभांशु शुक्ला ने 25 जून को 12:01 पर इतिहास रच दिया है
शुभांशु ने नासा के कनेडी स्पेस सेंटर से एक्सिस ओम 4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए उड़ान भरी सुभांशु सहित 4 सदस्य दल का हिस्सा हैं
Shubhanshu Shukla Axiom-4: फाल्कन नाइन रॉकेट के जरिए ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में बैठकर आइसिस के लिए रवाना हुये है और काउंटडाउन के खत्म होने के बाद जैसे ही रॉकेट ने उड़ान भरी मानो हर कोई इस ऐतिहासिक पल को अपनी आंखों में कैद करने के लिए बेताब था इस अद्भुत नजारे को ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के माता-पिता अमेरिका के फ्लोरिडा में नासा के कनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान भरते हुए देखकर गर्व महसूस कर रहे थे
Axiom-4 Space Mission LIVE: भारत के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष की ओर बढ़ रहे आगे

हालांकि इस मौके पर शुभांशु की मां आशा शुक्ला अपने बेटे की कामयाबी पर थोड़ी Shubhanshu Shukla Axiom-4: भावुक होती नजर आई थीं कि बेटे की कामयाबी पर शुभांशु शुक्ला की मां ने कहा कि हम इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकते हैं हम खुश हैं और हमें गर्व है साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह खुशी के आंसू हैं
उन्होंने किसी बात का डर नहीं होने की भी बात कही के आंसू है और कोई दिक्कत नहीं है बहुत ज्यादा इमोशनल भी हो गए थी Shubhanshu Shukla Axiom-4: बहुत ज्यादा इमोशनल हो गए थी बच्चे को देख के तो लगता है थोड़ा बहुत जी

शुभांशु शुक्ला के पिता शंभू दयाल शुक्ला ने कहा कि यह बहुत ही अच्छा लग रहा है मुझे बहुत गर्व है और सौभाग्य महसूस कर रहा हूं Shubhanshu Shukla Axiom-4: कि मैं ऐसे बच्चे का पिता हूं यह मेरे जीवन का सबसे खुशी का दिन है और बहुत अच्छा अनुभव है बहुत अच्छा हम रहा और हमारा यह मिशन बच्चे का पूरा हो रहा है बहुत भाग्यशाली हैं हम ऐसे बच्चे के पिता हैं कि जो हमें बच्चे ने ये जो है
उसकी वजह से हमारा आज इतना मान सम्मान हो रहा है ये हम बहुत खुश हैं और जिंदगी का
हमारे सबसे बड़ा खुशी का दिन है Shubhanshu Shukla Axiom-4: हमारे जीवन बहुत अच्छा माहौल रहता है और बहुत अच्छा माहौल है घर का जो है और ये सब उसकी जो है मेहनत का फल है इतनी मेहनत की है उसने लगन है निष्ठा है और अपने काम के प्रति कभी जो है उसने जो है हमेशा दूसरों को पीछे छोड़ा है और आज भी वही हो रहा है

मिशन में जो है उनका चयन हुआ वो आज जा रहे हैं ये हमारे लिए बड़ी खुशी की दिन है बहुत अच्छा लग रहा है नहीं दुख नहीं है दुख नहीं है वो खुश है हम भी खुश हैं कोई डर कोई डर नहीं है कोई डर नहीं डर और किस बात का डर तो ऊपर वाला है जब ऊपर वाला जिसका रक्षक उसका कौन बचेगा
क्या मैसेज देना चाहेंगे और बच्चों

Shubhanshu Shukla Axiom-4: बच्चों का यह है कि मेहनत करें मतलब सेहत बनाए अच्छी तरह उसकी जितनी मेहनत करेंगे उतने जो है उसका बच्चे सक्सेस होंगे मेहनत में कमी ना रखें वैसे वाकई में यह ना सिर्फ इस माता-पिता के लिए गर्व का मौका है बल्कि यह देश के लिए भी गर्व का मौका है जब देश का बेटा इतिहास रचने जा रहा है हालांकि इससे पहले एक्सिस ओम फोर मिशन कई बार टल चुका था लेकिन इसके बावजूद आखिरकार यह ऐतिहासिक क्षण आ ही गया है

भारत के अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा इससे पहले 3 अप्रैल 1984 को स्पेस मिशन पर सोवियत संघ की मदद से गए थे Shubhanshu Shukla Axiom-4: और अब सुंशु शुक्ला एक साल की कई ट्रेनिंग के बाद स्पेस मिशन के लिए रवाना हुए हैं जहां वह भारत का नाम अंतरिक्ष में ऊंचा करे मित्रों अपना राय कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं धन्यवाद