हॉलीवुड हो या बॉलीवुड कुछ फ्रेंचाइज ऐसी होती हैं जिनसे उस एक्टर की लाइफ जुड़ी होती है
क्या है ‘मिशन इम्पॉसिबल द फाइनल रेकनिंग’ की कहानी जॉनविक हो या फिर कंजुरिंग ऐसा लगता नहीं है यह लोग एक्टिंग कर रहे हैं और इन सबका बाप है मिशन इम्पॉसिबल फाइनल रेकनिंग फिल्म 30 साल पुरानी फ्रेंचाइज़ जिनकी शायद आखिरी फिल्म आज रिलीज हुई हुई है Mission: Impossible Final Reckoning release date
मिशन इम्पॉसिबल 1 हिट है या फ्लॉप?
45.4 मिलियन डॉलर की कमाई के साथ, मिशन: इम्पॉसिबल ने मई के सबसे बड़े ओपनिंग वीकेंड के लिए ट्विस्टर के अल्पकालिक रिकॉर्ड को तोड़ दिया । इसने अपने पहले छह दिनों में 75 मिलियन डॉलर की कमाई की, जो जुरासिक पार्क से आगे निकल गई, और चार दिवसीय मेमोरियल डे वीकेंड में 56 मिलियन डॉलर से अधिक की कमाई की, जिसने द फ्लिंटस्टोन्स को पीछे छोड़ दिया।

फिल्म इंग्लिश हिंदी चाहे जिस भी लैंग्वेज में देख सकते हो और डबिंग कमाल की थी कोई शिकायत नहीं मिलेगी ऑलमोस्ट 4000 करोड़ का खर्चा हुआ है फिल्म का बजट इतना जिसमें केजीएफ 2 और एनिमल जैसी मूवीस 40 बार बन जाएंगी तो क्या कम से कम एक बार फिल्म को देखना चाहिए कहानी वाइज फिल्म में कुछ अलग नहीं है डीसी मार्वल और टॉम क्रूस इन तीनों का सब्जेक्ट अक्सर सेम होता है
दुनिया खत्म होने वाली है और उसको बचाने के लिए सिर्फ एक इंसान खड़ा होता है लेकिन इस बार स्टोरी थोड़ा ज्यादा ही रियल हो गई। हैं क्योंकि फिल्म में वर्ल्ड वॉर की धमकी दी गई है कोई दुश्मन ऐसा आया है जिसने न्यूक्लियर मिसाइल इस्तेमाल करने का प्लान बनाया है 100 घंटे का उल्टा टाइमर चल रहा है जिसके बाद दुनिया में न्यूक्लियर अटैक्स होंगे उम्मीद ऐसी है इस धमाके के बाद पृथ्वी पर इंसान ही नहीं बचेंगे

फिल्म के सारे कैरेक्टर्स इस सर्वनाश के लिए सिर्फ एक इंसान को जिम्मेदार बता रहे हैं क्या सच में अपनी फिल्म का हीरो सबसे बड़ा विलेन बन गया है कुछ सालों पहले तक बोलते थे ना लोग टेक्नोलॉजी इंसान को अपना गुलाम बना लेगी रोबोट्स हमारी दुनिया को चलाएंगे और हम सब उनके नौकर बन जाएंगे तो बस यह मान लो इस बार इस फिल्म का मास्टरमाइंड खुद यह टेक्नोलॉजी ही है वो दिखाई नहीं देगी लेकिन फिर भी टॉम क्रूस को अपने इशारों पर नचा रही है
फिल्म के क्लाइमेक्स में या तो आपको वर्ल्ड वॉर 3 देखने को मिलेगा या फिर अपना हीरो इस तबाही को हमेशा के लिए रोक देगा कौन जीतेगा कौन हारेगा वो इस मैडम पे पूरी तरह डिपेंड करेगा क्या करेंगे कैसे होगा वो सब आपको थिएटर में जाकर पता चलेगा इजी वर्ड्स में बोलूं यह फिल्म मिशन इंपॉसिबल सीरीज की बेस्ट फिल्म तो कहीं से भी नहीं है
एक्चुअली पिछली मूवीज में टॉम क्रूज़ अपने सिनेमा का एक लेवल सेट कर चुके हैं और उसको चैलेंज करने में वो इस बार खुद थोड़ा सा पीछे रह गए हैं इस बार फिल्म को अलग बनाता है एक अंडर वाटर मिशन जिसका आईडिया बहुत डिफरेंट है बहुत यूनिक है लेकिन उसका प्रेजेंटेशन उतना ज्यादा इंटरेस्टिंग फील नहीं देगा हवा में उड़ने वाले टॉम क्रूज जब पानी के नीचे जाते हैं

फिल्म के 10-15 मिनट उस पे खर्च किए जाते हैं बट एक भी सीन ऐसा नहीं है जो थिएटर से निकलने के बाद याद रह जाए बट हां जो लोग 1996 से इस सीरीज को फॉलो कर रहे हैं सारी मूवीस देख चुके हैं उनके लिए यह फिल्म देखना बहुत जरूरी है क्योंकि स्टोरी गोल घूम के वहीं पर खत्म हो रही है सलू्यूट है बॉस टॉम क्रूस को जो आज भी अपने फैंस को एंटरटेन करने के लिए ऐसे खतरनाक सीन्स बना रहे हैं और शायद अगली फिल्म के लिए स्पेस में शूट करने जा रहे हैं
इसीलिए ऐसे रियल लाइफ हीरो को अगर फिल्म में चैलेंज करना होता तो मजा सिर्फ तब आता जब इसके टक्कर का विलेन भी खड़ा होता है फिल्म की सबसे बड़ी वीकनेस यही है कि इसमें नेगेटिव कैरेक्टर्स पे फोकस ही नहीं है वो टेक्नोलॉजी वाला पार्ट सिर्फ सोच में रह गया और बाकी एक कैरेक्टर सिर्फ बातें करता रह गया फिल्म का नाम ही है मिशन इंपॉसिबल सोचो क्या मजा आएगा जब सब कुछ टॉम क्रूस की मर्जी से आसानी से एक बार में हो जाएगा कुछ तो ऐसा होना चाहिए जिसमें डर लगनी चाहिए कुछ देर के लिए हि सही वो मिशन इंपॉसिबल फिल्म होनी चाहिए लेकिन यह फिल्म सीधी लाइन में चलती है कोई चैलेंज नहीं करती है