
आज मैच लखनऊ सुपर जाइंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच था जहां केकेआर के कप्तान
अजिंक्य रहणे ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था और उनका यह फैसला बेहद ही खराब हुआ था क्योंकि लखनऊ के सलामी बल्लेबाजों ने केकेआर के गेंदबाजों के पसीने छुड़ा दिए मैदान में गर्मी भी थी लेकिन केकेआर के गेंदबाजों के पसीने एलएसजी के बल्लेबाजों ने निकाला मिचल मार्श और एडन मार्करम आउट होने का नाम ही नहीं ले रहे थे दोनों ने केकेआर की टीम की कमर ही तोड़ दी थी खासकर मिचल मार्श आज तूफानी बल्लेबाजी कर रहे थे छह ओवर में ही एलएसजी 60 रन से भी ज्यादा बना चुकी थे कप्तान
अजिंक्य रहणे को समझ में ही नहीं आ रहा था कि इन्हें आउट कैसे किया जाए 10 ओवर तक दोनों खेलते ही रहे दोनों लगभग 200 की स्ट्राइक
रेट से बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन फिर 11वें ओवर में जाके केकेआर को सफलता हाथ लगी
जहां हर्षित राणा ने एडन मारकरम के डंडे उड़ाकर 47 के स्कोर पर चलता कर दिया दोनों के बीच 99 रनों की पार्टनरशिप भी हो गई
थी लेकिन इसके बाद भी मार्श नहीं रुके पहले तो उन्होंने अपना 50 पूरा किया उसके बाद भी वो नहीं रुके केकेआर की टीम पूरीतरह से दबाव में थी 160 रन बन चुके थे और केकेआर विकेट्स नहीं ले पा रहे थे लेकिन फिर 16वें ओवर में रसेल ने मिचल मार्श को 81 के स्कोर पर पवेलियन का रास्ता दिखादिया लेकिन इस समय मैच एलएसजी के खेमे में था सलामी बल्लेबाजों के बाद निकोलस पूरन ने केकेआर को धोना शुरू कर दिया और पूरन
तो 250 की स्ट्राइक रेट से मार रहे थे
उनका परफॉर्मेंस तो सबसे शानदार था और उसका फायदा पूरन ने बखूबी उठाया अंत में निकोलस पूरन के बेहतरीन 36 गेंदों में 87 रंस की
वजह से एलएसजी अपने 20 ओवरों में 238 रंस बनाने में सफल रहे

केकेआर को जीतने के लिए 239 जैसे पहाड़ जैसे विशाल टारगेट चस करना था इसके बाद जब केकेआर चस करने को उतरे तो
उन्होंने शुरुआत वैसी ही की जैसी कि उन्हें जरूरत थी डीकॉक और सुनील नारायण ने पहले ही ओवर से बाउंड्रीज लगाने शुरू करदिया दो ओवर में ही स्कोर 30 के पार जा चुका था लेकिन फिर भी तीसरे ओवर में आकाशदीप ने एलएसजी को एक सफलता दिला दी डीकॉक को
आकाशदीप ने 15 के स्कोर पर पवेलियन भेज दिया 37 के स्कोर पर केकेआर को पहला झटका लगा लेकिन इसके बाद जैसे ही कप्तान रहा आए उन्होंने भी एलएसजी पर पूरा प्रेशर दे दिया वह भी पहले ही गेंद से अटैक करने लगगए और दूसरी चोर से नारायण भी मार रहे थे पावर प्ले के बाद केकेआर 90 रन बना चुका था
ऋषभ पंत को समझ में नहींआ रहा था इन्हें कैसे रोका जाए लेकिन फिर सातवें ओवर में दिग्ेश राठी ने नारायण को 30 के स्कोर पर
चलता करके एलएसजी को दूसरी सफलता दिला दी
इस समय केकेआर 91 रन पर थी इसके बाद रहणे का साथ वेंकटेश अय्यर ने दिया जहां दोनों ने टीम के स्कोर को 10 ओवरों के बाद 129
पर पहुंचा दिया था वहीं 11वें ओवर में रहणे ने 26 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर दिया था यहां से मैच किसी भी पक्ष जा सकता था क्योंकि बड़ा स्कोर देख के वाले हार नहीं मान रहे थे रहणे का साथ वेंकटेश अय्यर भी दे रहे थे लेकिन फिर 13वें ओवर में शारदुल ठाकुर ने रहा जो बेहतरीन बल्लेबाजी कर रहे थे उन्हें 61 के स्कोर पर चलता कर दिया वहीं 14वें ओवर में रमनदीप भी चलते बने वेंकटेश अय्यर जो सेठ थे उन्हें भी एलएसजी ने 16वें ओवर में 45
के स्कोर पर पवेलियन का रास्ता दिखा दिया अब मैदान में दो खतरनाक बल्लेबाज रिंकू सिंह और रसल थे सब उम्मीदें इन दोनों परथी लेकिन हर मैच की तरह इस मैच में भी रसल फ्लॉप रहे और सिर्फ सात रन पर आउट हो गए यहां से अब भी केकेआर को 23 गेंदों में 54 रंस चाहिए थे और सिर्फ रिंकू ही केकेआर को जीता सकते थे आखिरी दो ओवर में केकेआर को 38 रंस चाहिए थे 19वें ओवर में रिंकू 14 रन बनाने में सफल रहे अब आखिरी ओवर में 24
रंन चाहिए थे रिंकू ने आखिर तक कोशिश की लेकिन वह अंत में चूक गए और एलएसजी की टीम ने इस मैच को अपने नाम कर लिया और केकेआर की टीम यह मैच हार गई वह भी सिर्फ चार रन से जीत गए धन्यवाद