सिडनी बोंडी बीच हमला साजिद अकरम का नाता;;ऑस्ट्रेलिया आतंकी हमले पर हैदराबाद कनेक्शन आया सामने?

14 दिसंबर 2025 को ऑस्ट्रेलिया के सिडनी बोंडी बीच हमला साजिद अकरम का नाता इतिहास के सबसे घातक आतंकवादी हमलों में से एक की दर्दनाक घटना ने दुनिया भर को हिला कर रख दिया।

यह हमला उस समय हुआ जब बड़ी संख्या में लोग बर्फीले समुद्र के किनारे आनंद ले रहे थे। अचानक दो हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दी। जिससे दशकों में ऑस्ट्रेलिया में हुई सबसे भीषण गोलीबारी बन गई। इस गोलीबारी में कम से कम 16 लोग मारे गए और लगभग 40 से अधिक घायल हैं।

मृतकों में एक 10 साल की बच्ची, एक 87 वर्षीय बुजुर्ग तथा कई अन्य सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पृष्ठभूमि वाले नागरिक शामिल थे। स्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को बड़ी मुश्किल से हमलावरों को रोका गया और अंततः एक हमलावर को पुलिस ने मार गिराया।

सिडनी बोंडी बीच हमला साजिद अकरम का नाता दूसरा गंभीर हालत है और अस्पताल में है।

मीडिया रिपोर्ट्स में कुछ सूचना स्रोतों ने हमलावरों को पाकिस्तानी मूल बताया था और उनसे जुड़ी कई अटकलें भी लगाई गई।

तेलंगाना पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक बयान ने बड़ा खुलासा किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तेलंगाना पुलिस ने बताया कि इस हमले में शामिल मुख्य संदिग्ध साजिद अकरम मूल रूप से हैदराबाद भारत का निवासी था जो लगभग 27 साल पहले यानी नवंबर 1998 में ही ऑस्ट्रेलिया चला गया था।

हैदराबाद से बीकॉम की पढ़ाई पूरी की थी और छात्र वीजा पर ऑस्ट्रेलिऑस्ट्रेलियाया गया था। उसके बाद उसने एक यूरोपीय महिला विनेरो ग्रोसो से शादी की और वहीं स्थाई रूप से बस गया। उसके दो बच्चे वहां जन्मे। बेटा नवीद अकरम 24 साल और एक बेटी दोनों ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हैं।

सिडनी बोंडी बीच हमला साजिद अकरम का नाता तेलंगाना पुलिस ने यह स्पष्ट किया है।

इस हमले से सीधे भारत या तेलंगाना का कोई लेनादेवाना नहीं है। वो लगभग तीन दशकों से भारत से दूर रहा और उसके परिवार से सीमित ही संपर्क था।

उसने भारत में आखिरी बार वह 2022 में हैदराबाद आया था। उनके परिवार ने खुले तौर पर कहा है कि उन्हें कभी भी उनके कट्टरपंथी विचारों या भावी योजनाओं की कोई जानकारी नहीं थी और वे इस खबर से सदमे में हैं। परिवार ने वर्षों पहले अपने रिश्तों को भी विराम दे दिया था।

ऑस्ट्रेलियाियाई जांच एजेंसियों ने इस हमले को आतंकवादी कृत के रूप में वर्गीकृत किया है

जांच में हमलावरों के वाहन में दो आईएसआईएस झंडे और अन्य संदिग्ध सामग्री भी मिली है जिससे यह सस्पेक्ट भी मजबूत हुआ है कि उन्हें किसी प्रकार की चरमपंथी प्रेरणा मिली थी।

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री और सुरक्षा एजेंसियां गहन जांच कर रही हैं कि यह हमलावर उच्च शक्ति वाले हथियारों तक कैसे
पहुंच पाए और क्या उनका प्रशिक्षण या नेटवर्क किसी विदेशी स्रोत से जुड़ा था। आपको इस साजिश में क्या लगता है कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं धन्यवाद

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