खांसी की दवा, कफ सिरप बनी जान की दुश्मन। बच्चों को कफ सिरप पिलाने से पहले जान लें यह पांच बड़ी बातें।
खांसी की दवा, मध्य प्रदेश और राजस्थान में बच्चों की मौत के बाद कोड्रफ सिरप की खतरनाक मिलावट cough ने देश भर में चिंता बढ़ा दी है। इस दवा में डाईथिलीन ग्लाइकोल नामक जहरीला रसायन मिलने की आशंका है। यह केमिकल खासकर बच्चों के लिए बेहद खतरनाक है। तेलंगाना समेत कई राज्यों ने इसे तुरंत रोकने और बाजार से हटाने के आदेश दिए हैं।
- कफ सिरप क्या देखकर खरीदनी चाहिए? हर खांसी के लिए एक जैसी कफ सिरप नहीं दी जाती।
खांसी कई प्रकार की होती है।

- खांसी की दवा,खांसी की दवा, सूखी, गीली, एलर्जिक, वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण वाली सभी के लिए अलग-अलग दवा होती है।
- खांसी की दवा,इसलिए किसी भी सिरप को सिर्फ नाम या ब्रांड देखकर खरीदना गलत है।
कौन सी कफ सिरप नहीं लेनी चाहिए? छोटे बच्चों के लिए विशेष रूप से सावधानी बरतनी जरूरी होती है। छ साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप देने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है।
बाजार से मिलने वाले कफ सिरप में ऐसे तत्व होते हैं जो बच्चों के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
उसमें किसी भी तरह का हानिकारक केमिकल तो नहीं है। लेकिन फिर भी सलाह यही है कि डॉक्टर के बिना सलाह कोई सिरप ना लें।
- कफ सिरप लेते समय क्या ध्यान देना चाहिए?
- डॉक्टर की पर्ची के सिरप खरीदने से बचें। फिर भी अगर मेडिकल से लेना ही पड़ जाए, तो सिर्फ की एक्सपायरी डेट, उसकी पैकिंग, उसके कंपोज़िशन और डोज़ की जानकारी जरूर पढ़ें।
- एक ही नाम की सिरप अलग-अलग फॉर्म में आती है। और बच्चों के लिए अलग और बड़ों के लिए अलग। ऐसी गलती से डोज़ ज्यादा हो सकती है जो बच्चे के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकती है।
कफ सिरप देते समय क्या-क्या सावधानियां बरतनी

- बच्चों को कफ सिरप देने से पहले शिशु रोग विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। डोसेज की मात्रा माप कर ही दें थोड़ा-थोड़ा करके देने की आदत बहुत नुकसानदेह हो सकती है।
- खांसी की दवा, सिरप देने से पहले शेक करना ना भूलें
- कई बार दवा नीचे बैठ जाती है। अगर बच्चा पहले से कोई और दवा ले रहा है तो सिर्फ उसमें रिएक्शन ना करें इसका ध्यान रखें।
- अगर सिरप देने के बाद उल्टी, चक्कर, नींद ज्यादा आना, सांस लेने में दिक्कत जैसी कोई शिकायत हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
- कप सिरप की ओवरडोज देने से क्या होता है?
बच्चे की उम्र के हिसाब से अगर डोज ना दी जाए तो उसे सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। अत्यधिक नींद या बेहोशी की स्थिति पैदा हो सकती है और ऐसे में उसे ऑक्सीजन की जरूरत पड़ सकती है।
खांसी की दवा,जिंदगी पर भी खतरा हो सकता है। इसलिए कभी भी अंदाजा लगाकर सिरप ना दें। डॉक्टर द्वारा बताए गए माप के अनुसार ही दवा दें।
अगर सिरप में मापने वाली कैप या स्पून दी गई है तो उसे ही उपयोग में लाएं।

खांसी की दवा, मौजूदा समय में वायरल निमोनिया, एलर्जिक, ब्रोंकाइटिस और मौसम बदलने से खांसी, जुकाम के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में अगर बच्चा लगातार खांस रहा है, बुखार है या सांस लेने में तकलीफ है तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। घरेलू नुस्खों या इंटरनेट से देखकर कोई दवा देना सही तरीका नहीं है।
यह थी वह बातें जो कफ सिरप पिलाने से पहले हमें ध्यान में रखनी चाहिए और इन बातों को अमल में भी लाना चाहिए। आपको यह जानकारी कैसी लगी? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर दें। धन्यवाद ।।।














