केदारनाथ के पास हेलिकॉप्टर क्रैश, 7 की मौत:केदारनाथ हेलिकॉप्टर क्रैश में मारे गए पायलट राजवीर सिंह के मासूम बच्चों का क्या होगा?

उत्तराखंड के गौरीकुंड में दर्दनाक हेलीकॉप्टर क्रैश ने सबको झकझोर कर रख दिया है

हादसे में सात लोगों की जान चली गई जिसमें हेलीकॉप्टर के पायलट जयपुर के राजबीर भी शामिल थे और गौरीकुंड के लिए तीन हेलीकॉप्टर्स ने उड़ान भरी थी दो ने तो सेफ लैंडिंग कर ली थी लेकिन जैसे ही राजबीर का हेलीकॉप्टर काली खाई के पास पहुंचा तो उसका संतुलन गड़बड़ा गया और वो गौरीकुंड के जंगलों में क्रैश हो गया था।

हेलीकॉप्टर क्रैश होने से पहले पायलट राजवीर का आखिरी मैसेज क्या था

हादसे में एक और हंसता खेलता परिवार उजड़ गया है। और यह कहानी जिसने भी सुनी वो भावुक हो गया सेना से लेफ्टिनेंट कर्नल के पद से रिटायर होने के बाद राजवीर ने सिविल एिएशन में उड़ान भरी थी लेकिन यह उड़ान आखिरी साबित हुई थी और 37 साल के राजवीर अब हमारे बीच नहीं रहे है । जयपुर के शास्त्री नगर कॉलोनी निवासी राजवीर सिंह और उनकी पत्नी दीपिका चौहान जो खुद भी सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल है

केदारनाथ के पास हेलिकॉप्टर क्रैश14 साल बाद पहली बार माता-पिता बने थे और राजवीर के घर 4 महीने पहले ही खुशी की किलकारियां गूंजी थी और जुड़वा बच्चों का पिता बने थे परिवार जलवा पूजन की तैयारियों में जुटा था घर में खुशी का माहौल था लेकिन 4 महीने बाद ही एक सुबह में सब कुछ थम गया और उनके परिवार कीखुशियां मातम में बदल गई गौरीकुंड में रविवार की सुबह करीब 5:20 पर राजवीर ने कंट्रोल रूम को आखिरी मैसेज भेजा था उन्होंने कहा था लैंडिंग के लिए लेफ्ट टर्न कर रहा हूं बस इस आखिरी मैसेज के कुछ देर बाद ही उनका हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया था

केदारनाथ के पास हेलिकॉप्टर क्रैश, 7 की मौत:केदारनाथ हेलिकॉप्टर क्रैश में मारे गए पायलट राजवीर सिंह के मासूम बच्चों का क्या होगा? हादसे की जानकारी जैसे ही परिवार वालों को मिली तो पूरे परिवार में मातम पसर गया राजवीर के पिता गोविंद सिंह जो BSNL से रिटायर्ड हैं उन्होंने भरे गले से बताया हमें सुबह 7:30 बजे फोन आया कि हादसा हो गया है अफसरों ने बताया कि राजवीर ने लैंडिंग से ऐन पहले लेफ्ट टर्न की सूचना दी थी फिर कोई संपर्क नहीं रहा है

हमने कभी नहीं सोचा था कि हेलीकॉप्टर उड़ाना इतना जोखिम भरा होगा सेना से लौटने के बाद तो सोचा था कि अब जीवन थोड़ा शांत होगा और भगवान को कुछ और ही मंजूर था गढ़वाल रेंज के आईजी के मुताबिक सभी शव बुरी तरह से जल चुके हैं जिससे पहचान मुश्किल हो रही है ऐसे में डीएनए जांच के बाद ही शव परिजनों को सौंपे जाएंगे वहीं राज्य सरकार ने दुर्घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं आर्यन एिएशन ने भी जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है जांच तो हो ही जाएगी हादसे के वक्त क्या हुआ था यह भी पता चल जाएगा लेकिन जो परिवार वालों ने अपनों को खो चुके हैं उनके साथ यह हादसा ता उम्र जुड़ा रहेगा जो बार-बार उनके जख्मों को उरेदता रहेगा मित्रों अपनी जानकारी कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं धन्यवाद

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